21 Jul 2009, 0021 hrs IST,नवभारत टाइम्स 

नोएडा।। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की जांच के बाद अचानक सक्रिय हुए यूपी गवर्नमंट के कई विभागों ने दिन रात की मशक्कत के बाद आखिरका

र यमुना किनारे डिवेलप हो रहे सेंट्रल पार्क प्लाजा में हरियाली बिछा दी है। यहां पिछले 12 दिनों में एक लाख के करीब पौधे लगाए गए हैं। ये पौधे आंध्र प्रदेश से सप्लाई किए गए हैं। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के कई जिलों से घास लाकर पक्के लान में बिछा दी गई है। अब यहां हरियाली की चादर पूरी तरह दिखने लगी है।

यमुना किनारे निर्माणाधीन पार्क का मामला सेंट्रल एंपावर्ड कमिटी, सुप्रीम कोर्ट व संसद में उठने के बाद यहां पौधे लगाने की गतिविधियां तेज हो गईं। 8 जुलाई को सेंट्रल एंपावर्ड कमिटी के सामने इस मामले की सुनवाई हुई थी। तब सीईसी ने पहले साइट विजिट करने के बाद ही कोई कदम उठाने को कहा था। यही नहीं इस मामले की अगली सुनवाई सीईसी में 3 अगस्त को होनी है।

सीईसी में सुनवाई के बाद 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्टे देने से इनकार करते हुए याचिका दायर करने वालों को हाईकोर्ट में अपनी आपत्ति दर्ज कराने को कहा था। इसके बाद केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय ने इसमें पहल करते हुए अपने एक सीनियर अफसर जैदी को पार्क का विजिट करने भेजा था। यहीं नहीं मौजूदा संसद सत्र में केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने तो इसकी जांच करने के लिए एक कमिटी गठित करने के साथ ही यूपी सरकार को नोटिस देने तक की जानकारी दी।

नोएडा अथॉरिटी के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमंट ही नहीं, बल्कि सिविल निर्माण खंड के एन्जीनियरों तक की ड्यूटी भी इसी कैंपस में लगाई गई है। ग्रेटर नोएडा और हापुड पिलखुवा विकास प्राधिकरण के अफसर भी अपनी- अपनी साइटों पर पौधे लगाने के साथ-साथ वहां चल रहे विकास कार्यों पर बराबर निगाह रखे हुए हैं।

मौके पर काम कर रही अफसरों की टीम के एक मेंबर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां आंध्र प्रदेश से पौधों की सप्लाई हो रही है। पाम के एक पौधे की कीमत वैसे तो 15 सौ रुपये के करीब है मगर यहां ये पौधे लगभग 6 हजार रुपये प्रति बॉटल पाम के हिसाब से लगाए जा रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि पौधे सप्लाई का काम माहेश्वरी लैंड स्कैपर्स द्वारा किया जा रहा है। इनके बॉन्ड अभी तक बनाए नहीं गए हैं। यूपी राजकीय निर्माण निगम इन्हें पेमंट करेगा। इसमें कोऑर्डिनेशन का काम अथॉरिटी के शीर्ष अफसर कर रहे हैं। सूत्रों का यहां तक कहना है कि पार्क का ज्यादातर एरिया पहले पक्का था। अब उस एरिया में मिट्टी भरकर इसके ऊपर घास बिछा दी गई है।

मौके पर देखकर कोई नहीं कह सकता कि यहां कभी पक्का फर्श था। यह घास पश्चिमी यूपी के कई शहरों से ट्रक भरकर मंगाई गई है। इससे पहले अथॉरिटी के कई अफ सर बिना जुबान खोले फर्श का क्षेत्र ज्यादा पक्का होने पर चिंता भी जता चुके हैं मगर अब हड़बड़ी में यह सब चेंज कराया जा रहा है। पार्क में मौजूद अफसरों का कहना है कि 22 जुलाई को किसी बड़ी कमिटी के मेंबर नोएडा आ सकते हैं। इससे पहले यह सब कराया जा रहा है। यह टीम दिल्ली से आएगी या लखनऊ से इसकी पक्की जानकारी किसी को नहीं है।

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